शुक्रवार, 24 सितंबर 2010

एक खूबसूरत एहसास-मोहब्बत!

अक्सर लोगों को कहते सुना,
मामूली किसी के लिए,
और किसी के लिए ख़ास है,
देता किसी को ग़म कभी,
खुशियाँ नुमायाँ(१) भी करे,
जन्नत से भी खूबसूरत ये,
मोहब्बत का एहसास है,
एहसास वो जो ज़ख़्मी दिल को,
मसाफ़त-ए-ख्वाब(२) ले जा कर,
महसूस ये करवा दे के,
वो अब भी तेरे पास है,
एहसास वो जो फासलों में भी,
करीबियत की आब-ए-हयात बनकर,
रूहानियत से यूं मिला दे के,
लगे खुदा भी आस पास है!
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(१) प्रदर्शित (२) ख्वाबो की दुनिया में एक दिन का सफ़र
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18 टिप्‍पणियां:

  1. एहसास वो जो फासलों में भी,
    करीबियत की आब-ए-हयात बनकर,
    रूहानियत से यूं मिला दे के,
    mohabbat ke liyn bahut hi achi panktiyan likhi hain apne!!!!!
    shabdon ka bahut hi acha use kiya hai,
    really a Great composition itself!!!

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  2. Beautiful creation !...Indeed love is a beautiful feeling , which cannot be expressed in words but can be felt only by soul.

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  3. रूहानियत से यूं मिला दे के,
    लगे खुदा भी आस पास है!
    --
    बहुत ही दार्शनिक गजल पोस्ट की है आपने!
    --
    इसे पढ़वाने के लिए आभार!

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  4. एहसास वो जो फासलों में भी,
    करीबियत की आब-ए-हयात बनकर,
    रूहानियत से यूं मिला दे के,
    लगे खुदा भी आस पास है!


    Waah! isse jyaada kahne ki haisiyat nahin meri :-)

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  5. बहुत सुन्दर और भावपूर्ण रचना लिखा है आपने! सही में मोहब्बत एक ख़ूबसूरत एहसास है जिसे बयान नहीं किया जा सकता बल्कि महसूस किया जाता है!

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  6. Hello SC :)

    Do I have to say the word??!! :)
    Surely fantabulous...

    Very nice verbiage.
    Take care...
    Dimple

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  7. एहसास वो जो फासलों में भी,
    करीबियत की आब-ए-हयात बनकर,
    रूहानियत से यूं मिला दे के,
    लगे खुदा भी आस पास है!

    Kya baat kahi hai aur wobhee itni khoobsoortee se!

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  8. करीबियत की आब-ए-हयात बनकर,
    रूहानियत से यूं मिला दे के,
    सुरिन्दर जी बहुत सुन्दर रचना है बधाई।

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  9. सुरेंदर भाई,
    बड़ा दुःख देती हैं आपकी कवितायें!
    बहुत कुछ याद दिला जाती हैं!
    आशीष

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  10. एहसास वो जो फासलों में भी,
    करीबियत की आब-ए-हयात बनकर,
    रूहानियत से यूं मिला दे के,
    बखूबी व्यक्त किये गए अहसास

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