बुधवार, 24 फ़रवरी 2010

न तू मुझको भूले!


एहतराम(१) में पलकें बिछाए खड़े हैं,

तू आये और इन सर्द आँखों को छू ले,

एजाज़(२) की आरज़ू में शायद इन सूखे,

दरख्तों पे पड़ जाएँ सावन के झूले,

तहम्मुल(३) की हदें मैं तोड़ न बैठूं,

इक पल के लिए भी जो तू दूर हो ले,

बिशारत-ए-आमद(४) जो आ जाए तेरी,

इल्तेजा ये करूँ हर सांस मेरी तू ले,

चल इस तरह तेरी आगोश में रह लूं,

न मैं तुझको भूलूँ न तू मुझको भूले,

खारदार(५) जो वक़्त कभी तुझपे आये,

इलाही ये दिल ही उसे रू-ब-रू ले !

*******************************************************************************

(१) सम्मान (२) चमत्कार (३) धैर्य (४) आने की खुशखबरी (५) मुसीबतों भरा

*******************************************************************************

17 टिप्‍पणियां:

  1. Hello,

    Just two words!!
    FANTABULOUSLY FANTASTIC... I am stunned by your writing skills :)

    Perfect...
    Regards,
    Dimple

    उत्तर देंहटाएं
  2. एहतराम(१) में पलकें बिछाए खड़े हैं,

    तू आये और इन सर्द आँखों को छू ले,

    bahut khoob , surendra ji, pasan aaya aap ka ye sher.

    उत्तर देंहटाएं
  3. चल इस तरह तेरी आगोश में रह लूं,
    न मैं तुझको भूलूँ न तू मुझको भूले

    Waah...Waa...Bejod

    Neeraj

    उत्तर देंहटाएं
  4. खारदार(५) जो वक़्त कभी तुझपे आये,

    इलाही ये दिल ही उसे रू-ब-रू ले !
    वाह बहुत खूब । पूरी गज़ल अच्छी लगी । शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  5. सुरेन्द्र जी
    बहुत अच्छी रचना मजा आगया भाई
    कलम के सिपाही तुमने तो घायल कर दिया |
    जोरदार रचना के लिए.........
    बधाइयाँ................

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत खूब!! बहुत सुन्दर गज़ल...

    उत्तर देंहटाएं
  7. चल इस तरह तेरी आगोश में रह लूं,
    न मैं तुझको भूलूँ न तू मुझको भूले,


    आपकी यह गजल बेहतरीन गजलों में से एक है!
    बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  8. एहतराम(१) में पलकें बिछाए खड़े हैं,

    तू आये और इन सर्द आँखों को छू ले,

    एजाज़(२) की आरज़ू में शायद इन सूखे,

    दरख्तों पे पड़ जाएँ सावन के झूले,
    Waah!

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत खूब लिखा है आपने बहुत पसंद आया शुक्रिया

    उत्तर देंहटाएं
  10. एजाज़ की आरज़ू में शायद इन सूखे,

    दरख्तों पे पड़ जाएँ सावन के झूले,

    तहम्मुल की हदें मैं तोड़ न बैठूं,

    इक पल के लिए भी जो तू दूर हो ले,.......aap urdu ke jin words ka selection karte hai wo ultimate hota hai.....ek baar fir khoobsoorat

    उत्तर देंहटाएं
  11. आता तो हूँ सुरेन्द्र जी, ना आऊं तो घाटा किसका है
    गजब की गजल..
    गाने का मन कर रहा है..

    उत्तर देंहटाएं
  12. आपको और आपके परिवार को होली पर्व की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें!

    उत्तर देंहटाएं