बुधवार, 8 जुलाई 2009

कभी अचानक!!

कभी अचानक यूं ही जब आईने की तरफ़ नज़र उठाई.....
उस में अपना चेहरा देख कुछ और बढ़ गई तन्हाई.....
कमरे में रखे कुछ गुलाब के फूल जो हमेशा मुस्कुराते थे....
पिछले कुछ दिनों मेरे साथ होकर उनकी सीरत भी मुरझाई....
इस घर का हरेक कोना जो मुझे अपना सा लगा करता था....
न जाने क्यूँ हर कोने ने मुझसे गोया ही आँख चुराई.......
अपनों के बीच में ही मैं हो गया हूँ यूं बेगाना........
मरने के बाद भी मांगता हूँ सब से कन्धा देने की दुहाई.....

3 टिप्‍पणियां:

  1. कभी अचानक यूं ही जब आईने की तरफ़ नज़र उठाई.....
    उस में अपना चेहरा देख कुछ और बढ़ गई तन्हाई....
    ==================
    aaina dekh kar jab bad gayi aur tanhaii..
    khud se hi kitna door ho gaye hai, yeh baat tab samajh mein aayi...

    उत्तर देंहटाएं
  2. Loneliness is adorable as it is not FAKE.
    Nice creation...
    Keep it up!

    उत्तर देंहटाएं